Solar Battery की लाइफ कितनी होती है और किन चीजों से पड़ता है इस पर असर? जानें सब कुछ

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Solar Battery की लाइफ कितनी होती है और किन चीजों से पड़ता है इस पर असर? जानें सब कुछ


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  • कम बैकअप, अजीब आवाजें, फुलावट खराब बैटरी के संकेत हैं।

Solar Batteries Lifespan: हाइब्रिड और ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम घर की बिजली की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं. ये सिस्टम लगाने के बाद न तो बिजली बिल की टेंशन रहती है और न ही पावर कट का कोई झंझट. पर इन दोनों ही सिस्टम की परफॉर्मेंस इनमें यूज होने वाली बैटरी पर डिपेंड करती है. इसलिए अगर आप बैटरी वाला सोलर पैनल सिस्टम लगवा रहे हैं तो यह जान लेना जरूरी है कि बैटरी कितना चलती है और इन्हें कितनी मैंटेनेंस की जरूरत पड़ेगी. 

कितनी चलती है सोलर बैटरी?

सोलर पैनल 25-30 साल तक चलते हैं, लेकिन इनमें यूज होने वाली बैटरी की लाइफ 2-15 साल के बीच में होती है. यह इस पर डिपेंड करता है कि लिथियम-आयन बैटरी यूज की जा रही है या लीड-एसिड बैटरी. इन दोनों की ही परफॉर्मेंस में बहुत अंतर होता है. लिथियम-आयन बैटरी 10-15 साल तक चल जाती है और इसे ज्यादा रख-रखाव की भी जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन लीड-एसिड बैटरी 3-4 साल तक ही चलती है. इसे ज्यादा मैंटेनेंस की भी जरूरत होती है. सोलर एनर्जी सिस्टम में सोलर जेल बैटरी का भी ऑप्शन होता है. इसकी लाइफ भी 6-8 साल के तक होती है.

किन चीजों से पड़ता है बैटरी लाइफ पर असर?

सोलर बैटरी की लाइफ पर कई चीजों का असर पड़ता है. बैटरी की लाइफ उसके टाइप पर निर्भर करती है. इसी तरह डेप्थ ऑफ डिस्चार्ज, चार्ज साइकिल, बैटरी को किस टेंपरेचर पर यूज किया जा रहा है, चार्जिंग और डिस्चार्जिंग की स्पीड, मैंटेनेंस, क्वालिटी, यूसेज पैटर्न, चार्जिंग और ओवरचार्जिंग समेत कई चीजें यह तय करती हैं कि बैटरी कितना चलेगी. अच्छी क्वालिटी वाली बैटरी को अगर ठीक तरीके से मैंटेन किया जाए तो इसकी लाइफ बढ़ जाती है. वहीं खराब क्वालिटी और खराब मैंटेनेंस बैटरी लाइफ को कम कर देते हैं.

ये साइन नजर आने पर बदल लेनी चाहिए बैटरी

बैकअप टाइम कम होना- अगर बैटरी पहले के मुकाबले बहुत कम समय में डिस्चार्ज हो रही है तो बैटरी बदलने की जरूरत है.

अजीब आवाजें आना- इंटरनल लीकेज होने पर बैटरी आवाज करने लगती है. अगर बैटरी से अजीब आवाजें आ रही हैं तो इसे बदल लें.

स्लो चार्जिंग- अगर बैटरी को चार्ज होने में ज्यादा समय लगने लगा है तो यह दिखाता है कि बैटरी में खराबी आ गई है या इसके चार्जिंग साइकिल पूरे हो गए हैं.

फुलावट या लीकेज- अगर बैटरी में फुलावट आ गई है या कोई फ्लूड लीक हो रहा है तो भी बैटरी को बदल लेना चाहिए.

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